INDUS VALLEY CIVILIZATION
1. When and how was the Indus Valley Civilization discovered?
सिंधु
घाटी सभ्यता की खोज कब और कैसे हुई?
सिंधु घाटी सभ्यता की खोज सबसे पहला 1826
में चार्ल्स मैसेज ने की थी इसका शुरुआत या पता पंजाब के कुछ गांवों
में ईट बनाने के लिए मिट्टी की खुदाई के तो खुदाई के बाद बना बनाया हुआ ईट मिल गया
जिससे वहां के लोगों ने भगवान का चमत्कार माना और उसी ईट का प्रयोग घर बनाने में
क्या जाने लगा उसके बाद धीरे-धीरे इसका पता चार्ल्स मैसेन को चला क्या फिर उन्होंने
इसका पहचान सिंधु घाटी सभ्यता के रूप में किया । 1861 मैं
कराची और लाहौर के मध्य रेलवे लाइन बिछाने लगा तो उस में काम करने वाले मजदूर ने
इसकी जानकारी सरकार को दी तब जाकर एलेग्जेंडर कनिंघम के निर्देशन में इस सभ्यता की
खुदाई की गई उसके बाद फिर दयाराम साहनी ने हड़प्पा सभ्यता की खोज 1929 में की इसके बाद मोहनजोदड़ो का खोजकर्ता रखालदास बनर्जी को माना गया
2.What was the history and early life of indus valley civilization?
सिंधु घाटी सभ्यता का
इतिहास और प्रारंभिक जीवन
क्या था?
सिंधु सभ्यता दुनिया की सबसे प्राचीन
और महत्वपूर्ण सभ्यताओं में से एक है या लगभग 2500 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच में विकसित हुई
थी। या भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिम भाग जिसे आजाद जम्मू और कश्मीर पाकिस्तान के
सिंध प्रांत और पश्चिमी भारत राज्य में स्थित है। सिंधु सभ्यता के नगरों का
मूल्यांकन के लिए हमें मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसे प्रमुख स्थलों का उल्लेख करना
चाहिए। इन नगरों की अवशेषों के आधार पर हमें पता चलता है कि सिंधु सभ्यता में
समृद्धि और सामाजिक व्यवस्था थी जहां लोगों ने पुस्तक जीवन मानकों को प्राप्त
किया। सिंधु घाटी सभ्यता का प्रारंभिक जीवन उद्यान और सिंधु घाटी के पास की नदियों
के आस-पास विकसित हुआ था। यह सभ्यता के प्रमुख स्थलों में मोहनजोदड़ो और हड़प्पा
शामिल थे। यह स्थल विशेष रूप से अपनी विस्तृत नगर के संरचना ,सड़क, मोहरा और सभ्यता की आने के लिए प्रसिद्ध है
सिंधु घाटी सभ्यता की जीवन शैली में व्यापार ,कृषि ,उद्योग और धार्मिक अभ्यास महत्वपूर्ण थे यहां पर्यावरण और सामाजिक
व्यवस्था के आधार पर विकसित होने वाली सामाजिक संरचना थी| शहरों
में मकानों की एक संगठित रेखा, सार्वजनिक और निजी स्नान-घर
व्यापार के लिए बाजार उद्योग सामाजिक सभाओं के लिए सार्वजनिक स्थान, मंदिर और सोनदरयालय शामिल थे। सिंधु घाटी सभ्यता के वन्जिकी नेटवर्क व्यापारिक गतिविधियों के आधार पर विकसित हुआ था|इसके प्रमुख व्यापारिक संपर्क अन्य क्षेत्रों में मोहरा, छायाचित्र ,सीमेंट, खाद पदार्थ
और मूल्यवान रत्न की थी|
3. (City building of Indus civilization and characteristics of civilization.)
सिंधु सभ्यता की
नगरी निर्माण और सभ्यता की विशेषताएँ।
सिंधु सभ्यता भारतीय उपमहाद्वीप में
पाए जाने वाले प्राचीन सभ्यता है जो चिंटू और यमुना नदी के तट पर अपनी आरंभिक आवास
स्थली मोहनजोदड़ो और हड़प्पा में स्थित है यह सभ्यता प्राचीनतम शहरी सभ्यताओं में
से एक हैं। और इसे समुद्री सभ्यता के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसकी प्रमुख
आवास अस्थलीन नदी के तट पर स्थिति थी और समुद्री व्यापार में भाग लिया जाता था।
सिंधु सभ्यता की नगर निर्माण की
विशेषताएं।
1 योजनाबद्ध नगरी सिंधु
सभ्यता में शहरों की निर्माण योजना काफी सजीव थी इन नगरों में गलियां मोहल्ले
लिंबू मार्ग वानिया मार्ग और आरामदायक घरो की व्यवस्था थी नगरों में सभ्यता के लिए
महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान भी होते थे जैसे मंदिर बाजार ग्रामीण सभा और नदी के तट
पर घाट।
2 जल निर्माण कार्य सिंधु
सभ्यता में जल निर्माण कार्य बहुत महत्वपूर्ण थे इसके प्रमुख उदाहरणों में गुण गवा
और धोलावीरा शहरों में बने जलाशय से शामिल है यह जलाशयों का उपयोग सिंधु सभ्यता के
लोगों के पेयजल की आपूर्ति और कृषि के लिए किया जाता था।
3 सभ्यता के लक्षण सिंधु
सभ्यता के पास कई विशेषताएं थी जो इसे अन्य सभ्यताओं से अलग बनाती थी इनमें से कुछ
मुख्य लक्षण है मोहनजोदड़ो और हड़प्पा शहरों में 1 शक्ति
समृद्धि नील और पीले रंग की मिट्टी से बनी आंवले की मूर्तियां अद्वितीय स्वच्छता
प्रणाली सभ्यता के व्यापारिक संबंधों के लिए अलग-अलग मुद्राएं सिंधु सभ्यता के
लोगों की विशेष कपड़े और आभूषणों की विशेषताएं शामिल है।
4 शिलालेख सिंधु सभ्यता में
शिलालेख का उपयोग संचार के लिए किया जाता था इन शिलालेखों में अक्षरों के बजाय
चिन्ना और प्रतीकों का उपयोग किया जाता था यह शिलालेख नगरी के लगभग सभी सार्वजनिक
स्थानों पर पाए जाते थे।
5 धार्मिक और सामाजिक संगठन
सिंधु सभ्यता में धर्म और सामाजिक संगठन का महत्वपूर्ण स्थान था इसमें मंदिरों
देवी-देवताओं की मूर्तियां और यज्ञ कुंड की व्याख्या शामिल होते थे साथ ही सभ्यता
में अलग-अलग कैसे बड़ा समूह की उपस्थिति भी देखी जाती थी जिनमें व्यापारिक समूह
शिल्पकार समूह ग्रामीण सभा और शासकीय संगठन शामिल थे।
यह विशेषताएं सिंधु सभ्यता को एक
प्रभावशाली और विकासशील सभ्यता बनाती हैं जो भारतीय उपमहाद्वीप की इतिहास में
महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
(Religiosity and religious practices of indus civilization)
सिंधु सभ्यता की
धार्मिकता और धार्मिक प्रथाएं
सिंधु सभ्यता के लोग धार्मिक अनुष्ठान
करते थे धर्म में विश्वास रखते थे और पूजा-पाठ क्या करते थे सिंधु घाटी की खुदाई
में सबसे अधिक मात्रा में पति मिट्टी की स्त्री की मूर्तियां मिली है जिससे कि पता
चलता है कि वहां के आदमी पूजा-पाठ में बहुत ज्यादा ध्यान देते थे और धार्मिक तरीका
से रहते थे और सबसे ज्यादा मातृ देवी की पूजा किया करते थे और घाटी की खुदाई में 1
गए अलग तरीके के मिट्टी की स्त्री मूर्ति निकली है जिसमें उसको
दिखाया गया है की स्त्री गर्भधारण की है और उनके गर्व से एक पौधा
निकला हुआ है जिसे यह पता चलता है कि वहां के लोग पृथ्वी को पृथ्वी देवी के रूप
में मानते थे और पूजा पाठ करते थे खुदाई में एक हवन कुंड में निकला है जोकि वैदिक
होने का प्रमाण का पता चलता है वहां के स्वास्थ्य का भी चित्र निकला है वहां के
लोग शक्ति का भी पूजा किया करते थे खुदाई में 3 मुखी व चार
मुखी भगवान शंकर के मूर्ति निकले हैं जो वहां के लोग शक्ति का पूजा क्या करता था
और शिवलिंग का पूजा किया करते थे सिंधु सभ्यता में लोग योनि का पूजा करते रहें है
वहां के लोग प्रकृति को और पेड़ पौधों को खुश रखने के लिए या उनका पूजा करने के
लिए पशुओं का भी बलि चढ़ाया करता था खुदाई में एक स्त्री के मूर्ति निकली है जिसके
सर पर पीपल के पत्ते थे सिंधु सभ्यता के लोग पीपल के पेड़ का भी पूजा करते थे और
सिंधु सभ्यता के लोग मैं देवी की प्रथाएं थी वहां पर वर चुनने का अधिकार देवी को
ही था लेकिन इतना खुदाई होने के बावजूद एक भी मंदिर नहीं मिला मिस्र और
मेसोपोटामिया में तो मंदिर मिला भी था लेकिन सिंधु सभ्यता में एक भी मंदिर नहीं
मिला फिर भी यहां के लोग धार्मिक अनुष्ठान पूजा पाठ और वैदिक थे सिंधु सभ्यता के
लोग खेत और नदी का भी पूजा क्या करते थे यहां आ स्नानागार का व्यवस्था था जो यहां
नहा कर लोग पवित्र हुआ करता था जैसे आज के लोग गंगा में नहा कर पवित्र होते हैं
मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसे लोगों की जनसंख्या करीब करीब 50,000 हुआ करता था लेकिन फिर भी कब्र की संख्या 100 ही
मिला है इससे पता चलता है कि वहां के लोग सब को जला दिया करते होंगे सिंधु सभ्यता
में सब जलाने की प्रथा थी।
5. (Trade and Political Activities in The Indus Civilization)
सिंधु सभ्यता में
व्यापार और राजनीतिक गतिविधियां
सिंधु सभ्यता का व्यापार सिंधु सभ्यता
में लोग पत्थर धातु हड्डी आदि का व्यापार करते थे सिंधु सभ्यता के बहुत बड़े भूभाग
में ढेर सारी स्थिर 1 रूपी लिपि मिला है
यहां पर माप तौल की व्यवस्था मानकीकृत माप चावल के प्रमाण मिले हैं सिंधु सभ्यता के
लोग ईरान और अफगानिस्तान से व्यापार क्या करते थे।
सिंधु सभ्यता के लोगों में अभी तक कोई राजनीतिक गतिविधियों का खोज नहीं कर
पाया है लेकिन यहां का विकसित नगर देखकर और विकसित समाज को देखकर लगता है कि यहां
पर कोई राजनीतिक गतिविधि भी रही होगी लेकिन यह भी सही तरीका से पता नहीं चल पाया
राजनीतिक गतिविधि इसलिए कहा जाता है कि यहां का सब और
शिक्षित समाज को देखकर अनुमान लगाया जाता है कि राजनीतिक गतिविधि रही होगी
6. (Importance of Craftsmanship in Indus Civilization)
सिंधु सभ्यता में
शिल्प कला का महत्व
सिंधु सभ्यता के
लोग शिल्प कला और तकनीक में भी बहुत आगे था ऐसा इसलिए की सिंधु सभ्यता के लोग
पत्थरों के बहुत औजार बनाए करते थे और वह लोग कासे से भलीभांति परिचित हैं वहां के
लोग मिट्टी के बर्तन के बनाने के साथ-साथ कासे के भी बर्तन बनाते थे और साथ में
मिट्टी के मूर्ति भी बनाने में पारंगत थे यहां के लोग मुद्रा भी बनाते थे और नाम
भी बनाते थे सूती कपड़ा भी बुना करते थे
सिंधु
सभ्यता के लोग लिखने की कला को भी अपना आए थे यहां के लोग हड़प्पा लिपि में लेख का
बहुत सारा प्रमाण मिला है लिख का नमूना 1853 में सामने इसके बाद
धीरे-धीरे पूरा प्रकाश में 1923 में सामने आया वहां के लोग
मेसोपोटामिया की तरह लिखने में भी माहिर थे
7. (Role of man and woman in Indus civilization)
सिंधु सभ्यता में
पुरुष और स्त्री की भूमिका
सिंधु सभ्यता किस
समाज में स्त्री को देवी का रूप मानते थे और वहां के पुरुष इस्त्री के बाद को ही
मानते थे और स्त्री प्रधान समाज था स्त्री को देवी का स्वरूप मानकर पूजा क्या करते
थे स्त्री के बातों पर पुरुष को भी काम को अंजाम देते थे मिस्र और मेसोपोटामिया के
तेरा ही स्त्री प्रधान समाज होने का प्रमाण मिलता है
8. ( Residential and social systems of indus civilization)
सिंधु सभ्यता के
आवासीय और सामाजिक व्यवस्था
सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों का जीवन
बहुत ही सूची संपन्न था वहां का लोग नारी को बहुत ज्यादा महत्व देते थे और सामाजिक
जीवन का मुख्य आधार परिवार था सिंधु वासियों में कोई अमीरी और गरीबी भेदभाव नहीं
था सिंधु घाटी के लोग मातृसत्तात्मक थे सिंधु वासियों में मनोरंजन के लिए शिकार करना
गाना बजाना गाना काफी प्रसिद्ध था पासा का
प्रमुख खेल था
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